- उज्जैन में शीतला माता पूजन का उत्साह, मंदिरों में उमड़ी महिलाओं की भीड़; एक दिन पहले तैयार किया जाता है भोजन
- महाकाल मंदिर में टीवी अभिनेत्री कनिका मान ने किए दर्शन, भस्म आरती में हुईं शामिल
- राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, भस्म अर्पित होते ही गूंजा ‘जय श्री महाकाल’; बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती, शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल
- रंगपंचमी पर महाकाल मंदिर में बदली व्यवस्था, भस्म आरती में सिर्फ एक लोटा केसर रंग अर्पित होगा; भक्तों को रंग लाने की नहीं होगी अनुमति!
उज्जैन नगर निगम:निगम का सम्मेलन 1 को संभव, वार्ड समितियों का होगा गठन
नगर निगम का सम्मेलन 1 सितंबर को होने की संभावना है। इसी दिन वार्ड समितियों का भी गठन होगा। जाेन बढ़ाए जाने पर भी चर्चा हुई थी लेकिन इसकी संभावना कम है। फिलहाल निगम को छह जोन में बांटा है। जोन एक में 10, जोन 2 में 10, जोन 3 में 11, जोन 4 व 5 में 7-7 व जोन 6 में 9 वार्ड हैं।
वार्ड समिति के गठन के बाद जोन अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। फिलहाल एमआईसी में 5 सदस्यों के ही चुनाव पर कई पार्षदों में नाराजगी है। साथ ही अभी नवनिर्वाचित एमआईसी सदस्यों को भी विभागों का बंटवारा नहीं किया गया है।
चुनाव जीतने के बाद महापौर मुकेश टटवाल ने संकेत दिए थे कि एमआईसी छोटी ही रखेंगे। इसका असर भी सूची में देखने को मिला। सूची 22 अगस्त को सबके सामने जारी की गई, लेकिन यह आदेश 13 अगस्त को ही हो चुका था। या यह कह सकते हैं कि इसे बैकडेट में जारी किया गया।
एमआईसी घोषित करने में लंबा समय लगना राजनीतिक खींचतान का नतीजा थी। महापौर जहां एमआईसी सदस्यों की संख्या कम रखना चाहते थे, वहीं दोनों क्षेत्रीय विधायक अपने-अपने समर्थक पार्षदों को ज्यादा से ज्यादा एमआईसी में लाने की कोशिश कर रहे थे।
प्रारंभिक सूची में शिवेंद्र तिवारी, रजत मेहता, दुर्गा चौधरी, डॉ. योगेश्वरी राठौर, सुगन वाघेला को शामिल किया गया। एमआईसी के गठन से पहले भाजपा नेताओं ने खुलासा किया था कि निगम में अनुभव वाले पार्षदों को ही एमआईसी में मौका दिया जाएगा।
सूची में भी वैसा ही दिखा, जो एक से ज्यादा बार के पार्षद हैं लेकिन कम संख्या होना पार्षदों में नाराजगी का कारण बनता जा रहा है। कई पार्षद, जिन्हें एमआईसी में जगह नहीं मिली, वह अब जोन अध्यक्ष के लिए दम लगा रहे हैं।